हिंदी कहानियाँ | Hindi Kahaniya

हिंदी कहानिया | Hindi Kahaniya: नमस्कार दोस्तों हिंदी ग्रामर के एक और नए पाठ में आपका स्वागत है इस पाठ में हम कुछ बेहतरीन हिंदी कहानियाँ के बारे में जानेगे तो इस पोस्ट कों आखिर तब पढ़े. आपको यह सभी कहानियाँ जरुर अच्छी लगेगी

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हिंदी कहानिया | Hindi Kahaniya

यह सभी कहानियाँ आपके जीवन में जरुर मूल्य बढाएगी. जीवन आपको जरुर फायदा होगा तो इन Hindi Kahaniya जरुर पढ़े.

1. धेर्य का फल – Hindi Stories

एक बार एक राजा अपना निजी सहायक नियुक्त करना चाहता था। इस वजह से महल में उम्मीदवारों की भारी भीड़ जमा हो गई। राजा सभी उम्मीदवारों की परीक्षा लेने के लिए उन्हें एक तालाब पर ले गया और बोला, जो कोई इस बर्तन को तालाब के पानी से भर देगा, मैं उसी को अपना निजी सहायक नियुक्त करूंगा। लेकिन हाँ, मैं आप सबको यह अवश्य बताना चाहूँगा कि इस बर्तन में एक छेद है। कुछ लोग तो कोशिश किए बिना ही वहाँ से चले गए।

कुछ लोग कोशिश करने के बाद वहाँ से चले गए। लेकिन एक व्यक्ति धैर्यपूर्वक बर्तन में पानी भरने की कोशिश में लगा रहा। उसने बर्तन में पानी भरा और उसे जमीन पर हल्का -सा गाड़ कर रख दिया। लेकिन कुछ ही देर में पूरा पानी जमीन पर फैल गया। इसी तरह कोशिश करते-करते अन्ततः तालाब खाली हो गया। उस व्यक्ति को खाली तालाब से एक हीरे की अंगूठी मिली। उसने अंगूठी राजा को दे दी। राजा उसकी ईमानदारी पर प्रसन्न होते हुए बोला,

यह अंगूठी तुम ही रख लो। यह तुम्हारे धैर्य एवं परिश्रम का इनाम है। और आज से तुम मेरे निजी सहायक हो। किसी ने ठीक ही कहा है कि धैर्य का फल मीठा होता है।

2. चालाक लोमड़ी और बंदर – Hindi Kahaniya

एक बार जंगल के सभी जानवरों ने मिल कर एक पार्टी का आयोजन किया। सभी जानवरों ने बड़े उत्साह के साथ उसमें भाग लिया। उनमें से बंदर सबसे ज्यादा उत्साहित था।

उसने खुब नृत्य किया और सभी जनवरों का बहुत मनोरंजन किया। खुश होकर सभी जानवरों ने मिलकर उसे अपना राजा बना लिया। परंतु लोमड़ी को बंदर का राजा बनना पसंद नहीं आया वह इस बात से बहुत निराशा हुई। एक दिन लोमड़ी को एक जाल मिला, जिसमें माँस का एक टुकड़ा फँसा हुआ था। उसे एक उपाय सूझा। उसने बंदर को खाने पर बुलाया और कहा-बंदर महाराज, देखिए!

मैंने आप के लिए मांस रखा हुआ है। बंदर बिना सोचे-समझे, मांस को पकड़ने गया और जाल में फँस गया। जब बंदर ने लोमड़ी को इस हरकत के लिये डांटा, तो लोमड़ी ने उसका मज़ाक उड़ाते हुए कहा-तुम राजा बनने लायक ही नहीं हो क्योंकि तुममें खतरे को भाँपने की समझ नहीं है। यह सुनकर बंदर बहुत शर्मिंदा हुआ और उसे अपनी गलती का एहसास हो गया।

3. नेवला और ब्राम्हण की पत्नी – Hindi Kahaniya

एक ब्राह्मण, उसकी पत्नी और उसका लड़का एक छोटे से गांव में रहते थे। उनके पास एक पालतू नेवला था जो उनके साथ रहता था। एक दिन, जब ब्राह्मण काम पर था, उसकी पत्नी ने बच्चे को पालने में छोड़ दिया और पानी का एक बर्तन लाने के लिए चली गयी । जब तक वह बाहर गई , उसने नेवले को बच्चे की देखभाल करने के लिए कहा। जब नेवला बच्चे की देखरेख कर रहा था, उसी समय घर में एक सांप आ गया। जैसे ही नेवले ने सांप को देखा उसने उस पर आक्रमण कर दिया और उसे मार दिया। जैसे ही ब्राह्मण की पत्नी पानी का बर्तन लेकर घर लौटी।

नेवले ने उसके मुंह पर रक्त के साथ खुशी से उसका स्वागत किया। महिला उसे देख कर डर गई, और उसने सोचा कि नेवले ने बच्चे को मार दिया है। बिना कुछ सोचे समझे घुस्से से, महिला ने नेवले पर पानी के बर्तन को गिरा दिया और एक छड़ी से उसे मार दिया। बाद में वह अंदर गई और बच्चा खुशी से पालने में खेलता मिला।कुछ भी बड़ा करने से पहले सोच समझकर कदम उठाना चाहिए। बिना किसी चीज को अपनी आँखों से देखे ना मानें।

4. इक चालाक लोमड़ी – Hindi Kahaniya

एक लोमड़ी बहुत भूखी थी. वह अपनी भूख मिटने के लिए भोजन की खोज में इधर – उधर घूमने लगी. जब उसे सारे जंगल में भटकने के बाद भी कुछ न मिला तो वह गर्मी और भूख से परेशान होकर एक पेड़ के नीचे बैठ गई. अचानक उसकी नजर ऊपर गई. पेड़ पर एक कौआ बैठा हुआ था. उसके मुंह में रोटी का एक टुकड़ा था. कौवे को देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी भर आया. वह कौवे से रोटी छीनने का उपाय सोचने लगी. तभी उसने कौवे को कहा, ” क्यों भई कौआ भैया ! सुना है तुम गीत बहुत अच्छे गाते हो. क्या मुझे गीत नहीं सुनाओगे ?. कौआ अपनी प्रशंसा को सुनकर बहुत खुश हुआ. वह लोमड़ी की बातो में आ गया.

गाना गाने के लिए उसने जैसे ही अपना मुँह खोला, रोटी का टुकड़ा नीचे गिर गया. लोमड़ी ने झट से वह टुकड़ा उठाया और वहां से भाग गई. अब कौआ अपनी मूर्खता पर पछताने लगा. इस कहानी से शिक्षा : यह छोटी कहानी हमें स्पष्ट सन्देश देती है की कभी भी हो अपनी झूठी प्रशंसा से हमें बचना चाहिए. कई बार हमारी जिंदगी में हमें कई ऐसे लोग मिलते है जो हमसे अपना जरूरी काम निकालने के लिए हमारी झूठी तारीफ़ करते है. एक बार जब वे हमसे अपना काम निकाल लेते है तो उसके बाद फिर हमें पूछते भी नहीं. इसलिए हमेशा झूठी प्रसंशा से बचे.

5.जिंदगी कों देखने का नजरिया – Hindi Kahaniya

अभिषेक और अर्जुन बचपन के जिगरी दोस्त थे| लेकिन काम में व्यस्त होने के कारण दोनों ज्यादा नहीं मिल पाते थे| अभिषेक पढ़ लिखकर एक बैंक में अच्छे पद पर नौकरी कर रहा था लेकिन फिर भी वह अपने काम से खुश नहीं था| दूसरी और अर्जुन एक फोटोग्राफर बन गया था|

क्योंकि उसे बचपन से ही फोटोग्राफी का शौक था| और वह अपनी जिंदगी से बहुत खुश था| एक दिन अभिषेक, अर्जुन के घर खाने पर गया| अभिषेक ने अर्जुन से कहा यार, मैंने नौकरी करके गलती कर दी| मुझे भी तेरी तरह फोटोग्राफर ही बनना चाहिए था| कम से कम मैं तेरी तरह जिंदगी में खुश तो रह पाता| आज मेरे पास सब कुछ है लेकिन खुशी नहीं है|

यह सुनकर अर्जुन बोला, देखो भाई, अगर तुम्हें फोटोग्राफी इतनी ही पसंद है तो फोटोग्राफर बन जाओ इसमें कौन सी बड़ी बात है| अभिषेक बोला, यार फोटोग्राफी तो मुझे हमेशा से ही पसंद थी लेकिन अब ज्यादा पसंद आती है क्योंकि मेरे काम में वह मजा नहीं है जो तुम्हारे काम में है| अगर मैं फोटोग्राफी शुरु कर दूंगा तो मैं भी तुम्हारी तरह खुश रहूंगा| तब तो तुम एक काम और करना| मुझे करेले भी बहुत पसंद है और मैं दिन में दो बार करेले खाता हूं| इसीलिए मैं इतना खुश नजर आता हूं| अभिषेक हंसने लगा|

अर्जुन बोला:- खुशी किसी काम से नहीं बल्कि अपने अंदर से आती है| सब कुछ मिलने के बाद भी हम दुखी रह सकते हैं या फिर कुछ नहीं मिलने पर भी खुश रह सकते हैं| यह सब हमारी जिंदगी को देखने का नजरिया है|

6.चूहा बन गया शेर – Hindi Kahaniya

एक दिन, एक साधु ने देखा कि एक बिल्ली चूहे को खदेड़ रही थी। साधु ते अपनी अलौकिक शक्तियों से उस चूहे को बिल्ली बना दिया और उसकी जान बच गई। एक दिन उस बिल्ली के पीछे एक कुत्ता दौड़ पड़ा। अब साधु ने उसको कुत्ता बना दिया। एक बार, उस कुत्ते पर शेर ने हमला कर दिया।

साधु ने तुरंत उस कुत्ते को शेर बना दिया। जो गाँव वाले इस नए शेर का रहस्य जानते ये, वे उसका मजाक उड़ाते थे। उनके लिए वह एक पिद्दी-सा चूहा ही था, जो शेर बना फिरता था! अब इस शेर ने सोचा कि जब तक यह साधु जीवित रहेगा, सब लोग उसका ऐसा ही मज़ाक उड़ाते रहेंगे। साधु ने इस शेर को अपनी ओर आते देखा,

तो उसके इरादे समझ गया। साधु बोला, जाओ, तुम फिर से चूहा ही बन जाओ। तुम अहसानफरामोश हो और शेर बनने लायक नहीं हो।” और इस प्रकार वह शेर फिर से सिकुड़कर दुबारा चूहा बन गया।

7. झूठा दोस्त – Hindi Kahaniya

एक हिरन और एक कौआ पक्के दोस्त थे। एक दिन कौए ने हिरन को एक सियार के साथ देखा। सियार बहुत चालाक जानवर माना जाता है। कौए ने अपने दोस्त हिरन को समझाया कि सियार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। हिरन ने कौए की सलाह पर ध्यान नहीं दिया और सियार के साथ एक खेत में चला गया। हिरन वहाँ लगे जाल में फस गया। सियार उससे कहने लगा, “मैं तो किसान को बुलाने जा रहा हूँ। वह आएगा और तुम्हें मार डालेगा।

मुझे भी वह तुम्हारे गोश्त का हिस्सा देगा।” हिरन चिल्लाने लगा। कौए ने अपने दोस्त के चिल्लाने की आवाज़ सुनी तो तुरंत उसकी सहायता के लिए आ गया। उसने हिरन से कहा कि वह ऐसे लेट जाए, जैसे वह सचमुच मर गया हो। थोड़ी ही देर में, सियार की आवाज सुनकर किसान वहाँ आ पहुँचा।

उसने देखा कि जाल में हिरन तो मरा पड़ा है। उसने जाल खोल दिया। जाल खुलते ही हिरन को मौका मिल गया और वह तुरंत उछलकर वहाँ से भाग गया। गुस्साए किसान ने सियार की पिटाई कर दी और उसे वहाँ से भगा दिया।

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तो यह पर हम हमारी हिंदी कहानियाँ | Hindi Kahaniya पोस्ट कों समाप्त करते है आशा करते है आपको यह सभी Hindi Kahaniya अच्छी लगी हो. आपको यह कहनिया कैसी लगी हमे कमेंट में जरुर बताना.

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