कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत | कबीर के दोहे – Kabir Ke Dohe in Hindi

कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत | कबीर के दोहे – Kabir Ke Dohe in Hindi


कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत।
बिपति कसौटी जे कसे, ते ही सांचे मीत।।

रहीम के दोहे का अर्थ:
सच्चा मित्र कौन है? वही, जो समय वह आवश्यकता पड़ने पर काम आए, सुख के तो कई साथी होते हैं, किंतु सच्चा साथी दुख का साथी होता है।


Kahi Rahim sampati sage, banat banat bahu reet
Bipati kasoutee je kasai, ye hee sanche meet

sachcha mitr kaun hai? vahee, jo samay vah aavashyakata padane par kaam aae, sukh ke to kaee saathee hote hain, kintu sachcha saathee dukh ka saathee hota hai.


200संत कबीर के दोहों का संग्रह अर्थ सहित –Click Here

Leave a Comment